उत्तराखंड में ऐसे उद्योगों के लिए बिजली के दाम बढ़ाने पर विचार चल रहा है, जो ओपन एक्सेस के जरिए बाहर से बिजली खरीदते हैं. दरअसल, यूपीसीएल (उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड) ने नियामक आयोग को इसके लिए प्रस्ताव भेजा है, जिसमें फिक्स चार्ज के नुकसान का भुगतान ऐसे उद्योगों पर बिजली के दाम बढ़ाकर लिए जाने की बात कही गई है.
राज्य में मानसून के बीच बिजली का उत्पादन मुश्किल स्थिति में रहता है. इस दौरान तमाम प्रोजेक्ट्स में सिल्ट आने का खतरा बना रहता है. यही वजह है कि मानसून के दौरान तमाम बिजली परियोजनाओं में उत्पादन कम हो जाता है. इन्हीं हालात के बीच उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने बाहर से बिजली खरीदने वाले उपभोक्ताओं पर कुछ अतिरिक्त चार्ज लगाने का निर्णय लिया है. हालांकि इसके लिए नियमानुसार उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग को प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें चिन्हित उपभोक्ताओं पर चार्ज बढ़ाने की सिफारिश की गई है. फिलहाल इस पर कोई अभी निर्णय नहीं हुआ है और नियामक आयोग द्वारा सभी बिंदुओं पर विचार करने के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा.
उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड की तरफ से ओपन एक्सेस के जरिए बाहर से बिजली खरीदने वाले उपभोक्ताओं पर 88 पैसे का अतिरिक्त सरचार्ज लगाने का प्रस्ताव भेजा है. इसमें अतिरिक्त सर चार्ज लगाने के पीछे की वजहों को भी बताया गया है, ताकि विद्युत नियामक आयोग से इस प्रस्ताव पर सहमति ली जा सके.
प्रस्ताव के अनुसार अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 तक के लिए उपभोक्ताओं पर यह बढ़ा हुआ सरचार्ज लेने की सिफारिश की गई है. खास बात यह है कि बाहर से ओपन एक्सेस के जरिए बिजली खरीदने वाले बड़े उद्योग इसके दायरे में आएंगे, जिन्हें इस प्रस्ताव पर मंजूरी मिलने के बाद बिजली के ज्यादा दाम चुकाने होंगे.
यूपीसीएल द्वारा सरचार्ज बढ़ाने के पीछे भी तर्क दिया गया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि ओपन एक्सेस उपभोक्ताओं से होने वाले फिक्स कास्ट का नुकसान उन्हीं से लिया जाना उचित है और इसीलिए उनके लिए यह प्रस्ताव भेजा गया है. इसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि बिजली कंपनियों को नियमों के तहत ऐसे सरचार्ज बढ़ाने का अधिकार है. बिजली कंपनियों की तरफ से बिजली उपलब्ध कराने के लिए पहले से ही अनुबंध किए गए हैं. ऐसे में यदि कंपनियां बाहर से बिजली लेती है तो ऊर्जा निगम को खुले बाजार से खरीदी गई बिजली को सरेंडर करना पड़ता है और इससे नुकसान झेलना होता है. इसको लेकर यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने कहा कि अभी फिलहाल प्रस्ताव भेजा गया है. इस पर आयोग की तरफ से अंतिम निर्णय लिया जाना है.