उत्तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र, राष्ट्रपति की मौजूदगी में बड़ा फैसला ले सकती है धामी सरकार

उत्तराखंड रजत जयंती वर्ष के मौके पर देहरादून में 3 और 4 नवंबर को राज्य विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है. यह सत्र कई मायनों में ऐतिहासिक रहेगा. विधानसभा के विशेष सत्र में राज्य के 25 वर्षों की विकास यात्रा पर चर्चा की जाएगी. साथ ही 2047 के उत्तराखंड का विजन तय किया जाएगा.

इस विशेष सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगी. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सदन को संबोधित करेंगी. विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सत्र की तैयारियों को लेकरअधिकारियों से समीक्षा बैठक की. उन्होंने कहा विधानसभा का यह विशेष सत्र राज्य की उपलब्धियों के साथ भविष्य की दिशा तय करेगा. यह सत्र हमारे लिए बेहद खास है, क्योंकि इसमें 25 सालों की विकास यात्रा की समीक्षा के साथ 2047 तक उत्तराखंड के योगदान पर चर्चा होगी.

रजत जयंती वर्ष के इस विशेष सत्र को लेकर विधानसभा सचिवालय में तैयारियां ज़ोरों पर हैं. विधानसभा अध्यक्ष ने बताया इस सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के विधायक अपने- अपने विचार और सुझाव रखेंगे. जिससे आने वाले समय में प्रदेश विकास का एक ठोस खाका (Blueprint) तैयार किया जा सकेगा. सभी दलों की भागीदारी से यह सत्र उत्तराखंड के लिए नई दिशा तय करेगा.

उन्होंने कहा हम चाहते हैं कि प्रदेश के विकास पर एक सामूहिक दृष्टिकोण बने. उम्मीद यह भी जताई जा रही है कि तीन और चार नवंबर को होने जा रहे हैं इस विशेष सत्र में राष्ट्रपति की मौजूदगी में राज्य सरकार कोई बड़ा फैसला ले सकती है. जिसमें विपक्ष की भी भागीदारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

3 और 4 नवंबर को होने वाले इस विशेष सत्र में राज्य के गठन से लेकर अब तक के विकास कार्यों की समीक्षा होगी. साथ ही, 2047 तक के लिए “उत्तराखंड विज़न डॉक्युमेंट” तैयार करने पर भी चर्चा होगी. सरकार का कहना है कि यह सत्र रजत जयंती समारोह का केंद्र बिंदु होगा, जहां उत्तराखंड की उपलब्धियों के साथ उसके भविष्य की दिशा तय की जाएगी. राज्य स्थापना दिवस से पहले हो रहे इस विशेष सत्र को लेकर प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में बेहद उत्साह देखने को मिल रहा है.




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