उत्तराखंड में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के पहले चरण की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है. जारी मतदाता सूची के अनुसार, प्रदेश में 71 लाख 33 हजार 785 मतदाता हैं. जिनमें से 19 लाख 4 हजार 380 मतदाता ऐसे हैं, जिनके गणना पत्र में त्रुटियां पाई गई है. हैरानी की बात ये है कि 1 लाख 99 हजार 121 मतदाता ऐसे हैं, जो अपने माता-पिता से 15 साल से भी कम छोटे हैं. यही नहीं, प्रदेश में 92 हजार 114 मतदाता ऐसे पाए गए हैं, जिन मतदाताओं का उनके दादा-दादी/नाना-नानी के बीच उम्र का अंतर 40 साल से भी कम है. इसके अलावा, प्रदेश में 2 लाख 39 हजार 566 मतदाता ऐसे पाए गए हैं, जिनमें दो-भाई या भाई-बहन के बीच उम्र का अंतर 9 माह से भी कम है.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी सूची के अनुसार, देहरादून जिले में मौजूद मतदाताओं में से 33 फीसदी मतदाताओं की ओर से दी गई जानकारियों में विसंगतियां पाई गई है. इसी तरह, हरिद्वार जिले में 31 फीसदी, उत्तरकाशी जिले में 25 फीसदी, चमोली जिले 19 फीसदी, रुद्रप्रयाग जिले में 23 फीसदी, टिहरी गढ़वाल जिले में 23 फीसदी, पौड़ी गढ़वाल जिले में 21 फीसदी, पिथौरागढ़ जिले में 21 फीसदी, बागेश्वर जिले में 20 फीसदी, अल्मोड़ा जिले में 16 फीसदी, चंपावत जिले में 23 फीसदी, नैनीताल जिले में 27 फीसदी और उधम सिंह नगर जिलें में 29 फीसदी मतदाताओं की ओर से दी गई जानकारियों में विसंगतियां पाई गई है.
कुल मिलाकर, ड्राफ्ट मतदाता सूची में मौजूद कुल 71 लाख 33 हजार 785 मतदाताओं में से 27 फीसदी यानी 19 लाख 4 हजार 380 मतदाताओं की ओर से दी गई जानकारी में त्रुटियां पाई गई हैं. लिहाजा, इन सभी मतदाताओं को संबंधित ईआरओ की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा. नोटिस की सुनवाई के लिए न्याय पंचायत स्तर पर क्लस्टर में कैंप लगाए जाएंगे. इसके साथ ही मैदानी क्षेत्र के मतदाताओं की सुविधा के लिए तहसील के अलावा नगर निगम, नगर पंचायत और वार्ड स्तर पर भी कैंप लगाए जाएंगे.