उत्तराखंड में लगातार बढ़ते गाड़ियों के दवाब की वजह से बीते सालों मे जितनी भी सड़कें बनी हैं वो सब कम सी लगने लगी है. आये दिन लगने वाला जाम इसकी तस्दीक करता है. जिसे देखते हुए अब उत्तराखंड में सड़क परिवहन व्यवस्था को आधुनिक सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में बड़े स्तर पर बदलाव किए जा रहे हैं.
देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे के शुरू होने के बाद डाटकाली से गणेशपुर तक जाने वाली पुरानी सड़क को आम वाहनों के लिए बंद कर नेशनल हाइवे अथॉरिटी ने वन विभाग के वापस दे दिया है. इसके साथ ही देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए सात नए फ्लाईओवर, लंबी सर्विस लेन और फुट ओवरब्रिज के निर्माण कार्य भी शुरू हो गए हैं. आने वाले दिनों में देहरादून ओर आसपास की सड़कों की तस्वीर बदली बदली सी नजर आने वाली है.
देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे के निर्माण के साथ डाटकाली से गणेशपुर के बीच लगभग 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार किया गया है. इस कॉरिडोर के चालू होने के बाद पुरानी सड़क पर सामान्य वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है. अब केवल मोहंड गांव तक ही वाहनों को जाने की अनुमति होगी. इसके आगे का पूरा मार्ग वन विभाग के नियंत्रण में रहेगा. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने यह सड़क आधिकारिक रूप से वन विभाग को सौंप दी है. इसकी सूचना पुलिस प्रशासन को भी दे दी गई है. जिससे सभी वाहनों को नए एलिवेटेड कॉरिडोर की ओर डायवर्ट किया जा सके. एनएचएआई के परियोजना निदेशक सौरभ की माने तो इस मार्ग का निर्माण वन्यजीव संरक्षण के लिए किया गया है. अब एक्स्प्रेसवे बनकर तैयार हो गया है. जिसके बाद अब पुरानी सड़क को वापस वन विभाग को दे दिया गया है.
एनएचएआई के परियोजना निदेशक सौरभ की माने तो डाटकाली से गणेशपुर के बीच बनाया गया एलिवेटेड कॉरिडोर केवल तेज यातायात के लिए नहीं बल्कि वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है. यह कॉरिडोर बरसाती नदी के ऊपर बनाया गया है. जिससे जंगल के प्राकृतिक रास्तों पर वाहनों का दबाव कम होगा. वन्यजीवों के आवागमन में बाधा नहीं आएगी. पुरानी सड़क के बंद होने से जंगल क्षेत्र में मानवीय हस्तक्षेप भी घटेगा. जिससे वन्यजीव संरक्षण को मजबूती मिलेगी.
नई योजना के तहत जाखन पुल, जीवनगढ़, मियांवाला, छिद्दरवाला और रायवाला जैसे प्रमुख स्थानों पर कुल सात फ्लाईओवर बनाए जाएंगे. इनमें जीवनगढ़ और रायवाला में दो-दो फ्लाईओवर प्रस्तावित हैं. मियांवाला से नकरौंदा तक लगभग 2.25 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर इस परियोजना का सबसे बड़ा निर्माण होगा. इसके अलावा हाईवे के दोनों ओर लगभग 44 किलोमीटर लंबी सर्विस लेन विकसित की जाएगी. जिससे स्थानीय और मुख्य यातायात को अलग-अलग संचालित किया जा सकेगा. पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए दो फुट ओवरब्रिज भी बनाए जाएंगे. जिनके स्थानों का अंतिम चयन जल्द किया जाएगा.