उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद सनसनीखेज घटना सामने आ रही है। पटेलनगर क्षेत्र में मामूली स्कूटी टक्कर के विवाद ने ऐसा खौफनाक रूप ले लिया कि दो युवकों ने एक राहगीर को बंधक बनाकर उसके साथ अमानवीय अत्याचार किए। पीड़ित को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
पीड़ित युवक, जो जाखन क्षेत्र का निवासी है, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि तीन जुलाई की शाम वह लालपुल के पास पैदल जा रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार स्कूटी चला रहे अंकुर वाल्मीकि ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में स्कूटी सवार अंकुर और उसका साथी साहिल भी सड़क पर गिर गए। इसके बाद दोनों आरोपियों ने अपनी गलती मानने के बजाय युवक को घेर लिया और उसके साथ गाली-गलौज व मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि उन्होंने युवक को कई जगह दांतों से भी काटा।
शिकायत के अनुसार दोनों आरोपी युवक को जबरन पटेलनगर स्थित निरंजनपुर सब्जी मंडी की दुकान नंबर 106 में ले गए, जहां उसे कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा गया। पीड़ित का आरोप है कि वहां उसके साथ बेहद क्रूर व्यवहार किया गया। उसे बिजली का करंट लगाया गया और गर्म लोहे की रॉड से शरीर को दागा गया। पुलिस शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि उसके साथ गंभीर शारीरिक हिंसा की गई, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। युवक के प्राइवेट पार्ट में पेचकस डालकर पीटा गया और करंट लगाकर फिर गर्म रॉड से दाग दिया जिसके गहरे चोट के निशान युवक के शरीर पर हैं।
पीड़ित ने बताया कि आरोपी उसे देर रात करीब तीन बजे तक बंधक बनाए रहे। मौका मिलने पर वह किसी तरह वहां से भागने में सफल रहा और सीधे अपने परिजनों के पास पहुंचा। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार उसे तत्काल दून अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां उसका इलाज चल रहा है।
पटेलनगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद गुसांई ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।