देहरादून: उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां भी चरम पर हैं। एक ओर जहां सत्तारूढ़ दल चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार होने का दावा कर रहा है, तो वहीं दूसरी ओर विपक्ष सरकार पर चुनाव को जानबूझकर टालने का आरोप भी लगा रहा है।
सरकार का रुख स्पष्ट
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार पंचायत चुनाव कराने के लिए पूरी तरह से तैयार भी है। सरकार का कहना है कि जैसे ही राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव की तिथि तय करेगा, उसी के अनुरूप सारी प्रक्रिया को अमल में भी लाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं।
विपक्ष ने साधा निशाना
दूसरी ओर, विपक्ष ने राज्य सरकार पर तीखा हमला भी बोला है। विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार पंचायती राज व्यवस्था और संविधान के 74वें संशोधन की मूल भावना के साथ खिलवाड़ भी कर रही है। उनका कहना है कि सरकार चुनाव को लेकर गंभीर नहीं है और एक बार फिर इसे टालने की कोशिश भी की जा रही है।
निर्वाचन आयोग की घोषणा पर टिकी निगाहें
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब सभी की निगाहें राज्य निर्वाचन आयोग की ओर ही टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि आयोग चुनाव की तारीख की घोषणा कब करता है और इसके बाद राज्य में चुनावी प्रक्रिया किस तरह आगे भी बढ़ती है।
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