लोगों से की गई थी कमल को दोबारा खिलाने की अपील
तिकोनिया में उन्होंने भाषण भी दिया था और लोगों से कमल को दोबारा खिलाने की अपील की गई थी। चुनाव परिणाम में इसका सीधा असर भी देखने को मिला। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी के साथ कांटे की टक्कर में गजराज कुमाऊं के सबसे बड़े नगर निगम में मेयर बनने में सफल हो गए।
इन नेताओं ने रोड शो में दिया था गजराज बिष्ट का साथ
आपको बता दें कि गजराज बिष्ट ने कांग्रेस प्रत्याशी ललित जोशी को 3894 मतों से पराजित किया है। जबकि गजराज सिंह बिष्ट पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के करीबी माने जाते रहे हैं लेकिन वह उनके रोड शो में शामिल होने तक नहीं आए। वहीं भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व कालाढूंगी के विधायक बंशीधर भगत व निवर्तमान मेयर डॉ. जोगेंद्र रौतेला और लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट भी गजराज के चुनाव प्रचार में पूरा साथ देते हुए नजर आए।
इन कारणों से गजराज बिष्ट को मिली जीत
इन नेताओं ने रोड शो में भाजपा सरकार के समय हुए विकास कार्यों का जिक्र किया और इसे आगे बढ़ाने के लिए जनता से समर्थन मांगा था। गजराज बिष्ट को जिताने की अपील की थी। गजराज की जीत का भी यह बड़ा आधार माना जा रहा है। इसी के साथ उत्तराखंड निकाय चुनाव में भाजपा ने जीत की हैट्रिक लगा ली है। आपको बता दें कि इससे पहले दो बार डॉ. रौतेला मेयर रह चुके हैं।