राजधानी देहरादून की पुरानी जिला अदालत की खाली जमीन पर चैंबर निर्माण की मांग को लेकर अधिवक्ता पिछले आठ दिन से प्रदर्शन कर रहे है. पूरे दिन कचहरी में सभी गतिविधियां बंद रखने का फैसला लिया गया था. मुख्यमंत्री के निर्देश पर अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी सविन बंसल और एसएसपी अजय सिंह ने भी मुलाकात की, जिलाधिकारी ने अधिवक्ताओं से 15 सदस्यों की एक कमेटी गठित कर जल्द सुझाव मांगे हैं. साथ ही आश्वासन दिया कि प्रशासन इन सुझावों को जल्द से जल्द सरकार तक पहुंचाएगा. वही अगर बार एसोसिएशन आश्वस्त होते है तो धरना बंद कर देंगे और आश्वस्त नहीं होते है तो धरना जारी रहेगा.
दरअसल, रविवार को अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिला था. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून जिलाधिकारी को उनकी मांगे सुनने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद सोमवार को जिलाधिकारी और एसएसपी दोनों अधिकारी धरनास्थल पर पहुंचे थे.
जिलाधिकारी ने कहा कि फिलहाल पुराने चेंबर से अधिवक्ताओं को विस्थापित नहीं किया जाएगा. अधिवक्ताओं के चेंबर निर्माण में सरकार के सहयोग और अन्य मांगों पर एक सुझाव उन्होंने मांगा है. इसके लिए 15 सदस्यों की एक कमेटी गठित करने के लिए भी कहा गया है और अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया है कि चेंबर निर्माण के लिए अतिरिक्त भूमि आवंटन को समयबद्ध प्रक्रिया से किया जाएगा.
इस पर बार ने फैसला लिया है कि अधिवक्ता एक संघर्ष समिति का गठन करेंगे, ताकि उनकी मांगों के लिए संघर्ष को जारी रखा जा सके. निर्णय यह भी लिया गया कि अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को फिर से जिलाधिकारी के साथ बैठक करेगा. अग्रिम निर्णय के लिए एक बार फिर से बार पदाधिकारियों की बैठक की जाएगी, तब तक के लिए हड़ताल जारी रहेगी.