आगामी 17 जुलाई को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम अब अनिश्चितता के दौर में पहुंच गया है। कार्यक्रम के आयोजन के लिए कांग्रेस ने पहले से व्यापक तैयारियां कर ली थीं, लेकिन आयोजन से ठीक 72 घंटे पहले जिला प्रशासन द्वारा परेड ग्राउंड की अनुमति वापस लिए जाने की सूचना के बाद पार्टी के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। अब कांग्रेस नेतृत्व कार्यक्रम के लिए वैकल्पिक स्थान तलाशने में जुट गया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 8 जुलाई को देहरादून के परेड ग्राउंड में 15, 16 और 17 जुलाई के लिए कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मांगी थी। नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से शुरुआती स्तर पर अनुमति भी प्रदान कर दी गई थी। इसी के आधार पर पार्टी ने राहुल गांधी के दौरे की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया था। छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम के लिए ऑनलाइन पंजीकरण भी शुरू कर दिया गया था, ताकि अधिक से अधिक छात्र इसमें शामिल हो सकें।
मंगलवार, 14 जुलाई की सुबह कार्यक्रम स्थल पर टेंट और अन्य व्यवस्थाओं का सामान लेकर कई वाहन परेड ग्राउंड पहुंचे। हालांकि, वहां मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने किसी भी वाहन को मैदान के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी। इससे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। पार्टी का कहना है कि जब पहले अनुमति दी जा चुकी थी, तब अंतिम समय में इस तरह की रोक समझ से परे है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अब तक जिला प्रशासन की ओर से अनुमति रद्द किए जाने का कोई लिखित आदेश उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है। केवल मौखिक रूप से यह कहा गया है कि कुछ प्रशासनिक दिक्कतों के कारण फिलहाल कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि पार्टी आधिकारिक आदेश का इंतजार कर रही है।