जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक को मिली जान से मारने की धमकी, मुकदमा दर्ज

उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के बड़ी खबर सामने आई है. श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरि महाराज को जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है. उनके मोबाइल फोन पर अलग-अलग नंबरों से कॉल कर जान से मारने की धमकी दी गई है. जूना अखाड़ा के महामंत्री श्रीमहंत महेश पुरी की ओर से इस मामले में हरिद्वार नगर कोतवाली में तहरीर दी गई है.

श्रीमहंत महेश पुरी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. श्रीमहंत महेश पुरी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि बीती 23 नवंबर सोमवार शाम श्रीमहंत हरि गिरी महाराज के फोन पर दो अलग-अलग नंबरों से कॉल आई. कॉल करने वाले शख्स ने न सिर्फ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी.

महंत महेश पूरी के अनुसार जिन अलग-अलग नंबरों से धमकियां दी गईं, उससे लगातार दोबारा कॉल किए जा रहे हैं और लगातार अभद्र भाषा का प्रयोग कर धमकियां दी जा रही है. उन्होंने बताया कि घटना के समय हरिगिरी महाराज धार्मिक यात्रा पर निकले थे और वृंदावन से हरियाणा जा रहे थे.

महंत महेश पुरी ने बताया कि लगातार धमकियों को देखते हुए सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता खड़ी हो गई है. धमकियों के बाद अखाड़े के साधु संतों में चिंता का माहौल बन गया है. उन्होंने पुलिस से धमकी देने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है.

वहीं इस बारे में नगर कोतवाली प्रभारी रितेश शाह ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. शिकायत करने वाले की लोकेशन सर्च की जा रही है. जल्द ही उसे गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा.

जूना अखाड़ा नागा साधु संन्यासियों का सबसे बड़ा अखाड़ा है. हरिद्वार के मायापुर में जूना अखाड़े का मुख्यालय है. अक्सर हरि गिरी महाराज यहां आते रहते हैं. उन्हें धमकी मिलने के बाद साधु संतों में चिंता है. साधु संतों ने श्रीमहंत हरि गिरी महाराज को धमकी देने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की. बता दें कि साधु संतों लगातार अपराधियों के निशाने पर रहते हैं. पूर्व में बड़ा अखाड़ा के सचिव मोहनदास 2017 में लापता हो गए थे और आज तक उनका कोई पता नहीं चल पाया है. अभी कुछ दिन पहले मोहनदास के केस में सीबीआई जांच के आदेश हाई कोर्ट ने दिए थे. आदेश होने के बाद साधु संतों ने भी कोर्ट के फैसले की सराहना की थी और लापता संत मोहनदास के मामले के खुलासे की उम्मीद भी जताई थी.




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